राजनीति के मजे हुये विधायक सुशील सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं
विपक्षीयो को राजनीति का ककहरा सिखाने वाले सैयदराजा विधायक सुशील सिंह का जन्मदिन है pnb खबर की तरफ से उनको जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं,आईये जानते है उनके बारे मे
कौन हैं सुशील सिंह
पूर्वांचल की हॉट सीट मानी जाने वाली सैयदराजा विधानसभा सीट से सुशील कुमार सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और लगातार दूसरी बार इस विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। बृजेश सिंह के भतीजे के रूप में भी पहचान रखने वाले सुशील सिंह ने अब तक पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। पहली बार के चुनाव में वह महज 26 वोटों से हार गए थे। हालांकि, इसके बाद वह लगातार 4 बार से चुनाव जीत रहे हैं।
सुशीलसिंह की राजनीतिक यात्रा
सुशील सिंह सबसे पहले साल 2002 में चंदौली की ही धानापुर विधानसभा सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे, सपा के प्रभुनारायण यादव ने उन्हें 26 वोटों से हरा दिया था। साल 2007 में सुशील फिर बीएसपी के टिकट पर ही चुनाव लड़े और इस बार उन्होंने जीत दर्ज कर ही ली। साल 2012 के चुनाव में परिसीमन के तहत धानापुर सीट का नाम बदलकर सकलडीहा कर दिया गया। इस बार सुशील निर्दलीय मैदान में उतरे और सपा के प्रभु नारायण सिंह को दोबारा शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार विधायक बन गए।
साल 2017 में उन्होंने पाला बदला और बीजेपी से टिकट लेकर सैयदराजा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस बार बीएसपी के विनीत सिंह को हराकर सुशील ने जीत की हैटट्रिक लगाई। साल 2022 में फिर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए सुशील सिंह ने सपा के मनोज सिंह डब्लू को हराकर लगातार चौथी बार विधानसभा का सफर तय किया। यह वही मनोज डब्लू थे, जिन्होंने साल 2012 में सुशील के चाचा बृजेश सिंह को हरा दिया था।
पूर्वांचल की हॉट सीट मानी जाने वाली सैयदराजा विधानसभा सीट से सुशील कुमार सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और लगातार दूसरी बार इस विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। बृजेश सिंह के भतीजे के रूप में भी पहचान रखने वाले सुशील सिंह ने अब तक पांच बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। पहली बार के चुनाव में वह महज 26 वोटों से हार गए थे। हालांकि, इसके बाद वह लगातार 4 बार से चुनाव जीत रहे हैं।
सुशीलसिंह की राजनीतिक यात्रा
सुशील सिंह सबसे पहले साल 2002 में चंदौली की ही धानापुर विधानसभा सीट से बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे, सपा के प्रभुनारायण यादव ने उन्हें 26 वोटों से हरा दिया था। साल 2007 में सुशील फिर बीएसपी के टिकट पर ही चुनाव लड़े और इस बार उन्होंने जीत दर्ज कर ही ली। साल 2012 के चुनाव में परिसीमन के तहत धानापुर सीट का नाम बदलकर सकलडीहा कर दिया गया। इस बार सुशील निर्दलीय मैदान में उतरे और सपा के प्रभु नारायण सिंह को दोबारा शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार विधायक बन गए।
साल 2017 में उन्होंने पाला बदला और बीजेपी से टिकट लेकर सैयदराजा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस बार बीएसपी के विनीत सिंह को हराकर सुशील ने जीत की हैटट्रिक लगाई। साल 2022 में फिर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए सुशील सिंह ने सपा के मनोज सिंह डब्लू को हराकर लगातार चौथी बार विधानसभा का सफर तय किया। यह वही मनोज डब्लू थे, जिन्होंने साल 2012 में सुशील के चाचा बृजेश सिंह को हरा दिया था।