इतनी जल्दी भी क्या थी मनमन सिंह
कभी खेत मे कभी खलिहान मे
कभी पुल पर कभी सड़क पर
कभी नीड़ पर कभी निर्माण पर
अब कौन खड़ा होगा मनमन सिंह
देखो अभी अमरा का पुल भी नही बना
आवाजापुर का तालाब कैसे पटा पड़ा है
नहर की सफाई भी अभी होनी बाकी है
इतनी जल्दी भी क्या थी मनमन सिंह
तुम्हारा सफेद कुर्ता और हरी टोपी
जिला जवार मे अब किसको
ललकारेगी मनमन सिंह
ये सरकारे इतनी निकम्मी नही थी
ये दुनिया उतनी बुरी नही थी
अभी तो चुनाव भी होना था
कुछ दिन के लिये ही रुक जाते मनमन सिंह।