जब सारे फर्जी अस्पताल है तो सीज शिवशक्ति ही क्यो

धानापुर में एक नही लगभग दस फर्जी अस्पताल चलते है लेकिन सीज शिवशक्ति को ही क्यो किया गया, मामला कुछ समझ मे नही आया,
एक तरफ धानापुर के सरकारी अस्पताल मे बाहरी जांच और बाहरी दवाओं से आजीज मरीज है, जहा बिना गायनों लाजिस्ट की देख रेख में प्रसूता के साथ  व्यवहार होता है, और जान जोखिम में डाली जाती है।
वही   डिप्टी सीएमओ द्वारा शिवशक्ति अस्पताल को सीज करना सरकार के दोयम दर्जे की नीतियो पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।
धानापुर मे वर्षो से मलाई काट  रहे संध्या हास्पीटल, एबी हास्पीटल, मालती हास्पीटल, के मैनेजिग डायरेक्टर खुद को बचा लेते है,और नये अस्पतालों पर गाज गिर जाती है कही न कही ईसमे सरकार के नीतियों की विवसता नजर आती है।
इसके अलावा धानापुर मे कई ऐसे अस्पताल है जिनके मालिक और डाक्टरों के पास हाईस्कूल और इंटर की भी डिग्री नही है वे केवल सरकार को ठेंगा दिखाते हुऐ पैसे कमा रहे है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अपनी जान   बचाने के लिए कार्यवाही करके प्रशासन खुद सुस्त हो गई है, धानापुर के समस्त अस्पतालों को बंद करने की जरूरत है और सरकारी अस्पताल को सुधारने कि जरूरत है। इसके लिए ट्विटर पर ट्वीट के साथ आरटीआई भी लगाई गई है

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