आपरेशन भूमाफिया की लड़ाई मे मन की बात
कुछ लोगो की पीड़ा देखकर हमने आपरेशन भूमाफिया शुरू किया था, शुरुआत पुराने यूनियन बैंक के बगल के पीड़ितों से हुई थी मीडिया मे बयान के बाद रोते हुये वीडियो हमने शासन के पास पहुंचाया था,अब वही पीड़ित भूमाफियों के दबाव मे अपने बयान से भाग रहे है, और माफिया हम लोगो पर मानहानि का मुकदमा कर दिये, नामर्द टाईप के लोगो की लड़ाई अब हम नही लड़ेगे, उनकी जमीन जानी तय है कब्जा भले ही उनका है लेकिन कागज मे कोई और स्थापित हो चुका है भविष्य मे उनकी लड़ाई अब कोई नही लड़ेगा जमीन तो छोड़ दीजिए उनको धूल भी नहीं मिलेगी, अभी वो गलतफहमी मे है कल रोएंगे और उनके कोई आशु तक नहीं पोछेगा, उनकी जमीन कब्जा होनी तय है, कलयुग मे जो नहीं लड़ेगा वो मरेगा,
जाति की बात करे तो पहले एक कोइरी फंसा था इनके जाल मे वो भागा फिर एक बिंद रोते हुए भाग गया, अब एक अहीर अड़ा है अगर वो भाग गया तो आपरेशन भूमाफिया फेल हो जायेगा, ये अब गलतफहमी है लड़ाई की रूपरेखा तैयार है प्रजा भाग जाए लेकिन राजा का काम है लड़ते हुये मरना, उनके पास पैसा है सिस्टम है सरकार है हमारे पास सच्चाई है, देखते है समझौता और सरेंडर किसके खून मे है मरेंगे या मारेगे, उसका जनाजा निकलेगा हमारा काम शुरू होगा, कलमा पढ़कर फातिहा सुनाकर अलहम्दुलिल्लाह।