हिंगुतरगढ़ के खिलाड़ी शिवपाल डोप टेस्ट मे फेल



शिवपाल सिंह चंदौली के हिगुतरगढ़ के रहने वाले है 

भारत के ओलिंपिक जेवलिन प्लेयर शिवपाल सिंह अपने करियर में दूसरी बार डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उन पर आठ साल का बैन लग सकता है। टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले 29 वर्षीय शिवपाल इस साल की शुरुआत में लिए गए डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की वजह से पॉजिटिव पाए गए हैं। वे उस समय NIS पटियाला में ट्रेनिंग ले रहे थे।

शिवपाल को राष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी (NADA) ने निलंबित कर दिया है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक शिवपाल के करीबी ने बताया, हां, प्रतिबंधित पदार्थ के लिए उनके टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आया है। वे दूसरी बार डोप टेस्ट में फेल हुए हैं। इससे पहले 2021 में शिवपाल डोप टेस्ट में स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए गए थे।
एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर जीता

शिवपाल ने 2019 दोहा में हुए एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। वहां उन्होंने 86.23 मीटर का अपना बेस्ट प्रदर्शन किया था। शिवपाल ने अप्रैल 2023 में वापसी की और उसी साल जून में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने गोवा में 2023 में हुए राष्ट्रीय खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता।


8 साल की सजा मिल सकती है

नेशनल डोपिंग एजेंसी और वर्ल्ड डोपिंग एजेंसी के नियमों के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाया जाता है तो उस पर अधिकतम आठ साल का बैन लग सकता है। 2021 में शिवपाल डोप टेस्ट में स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। तब उन्हें डोपिंग अपराध दोषी मानते हुए 4 साल के लिए बैन कर दिया गया था।

शिवपाल का प्रतिबंध 2025 तक था लेकिन उन्होंने NADA के पैनल में अपील की। जिसके बाद जनवरी 2023 में उनकी सजा को घटाकर सिर्फ एक साल कर दिया गया।

एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर जीता

शिवपाल ने 2019 दोहा में हुए एशियाई चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। 



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