धानापुर के इतिहास मे पहली बार घनश्याम शुक्ला बने अपराध निरीक्षक

धानापुर के इतिहास मे ऐसा पहली बार हो रहा है कि दो निरीक्षक  एक साथ में अब धानापुर की कमान संभालने की जिम्मेदारी लेंगे,गैंगस्टर राजकुमार यादव उर्फ़ मुट्टन
कि हत्या के बाद मामले को राजनैतिक हवा दे दिया गया. जिसके कारण आक्रोश का आग और धधक गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए थाना प्रभारी के राजपूत होने पर हत्या कराये जाने का पुलिस पर आरोप लगाया था जिसके बाद एसपी ने लापरवाही मे लाईन हाजिर कर दिया।

तत्कालीन प्रभारी महेश सिंह के लाईन हाजिर होने के बाद प्रभारी कि कुर्सी लगातार 5 दिनों रखा खाली रहा। थान प्रभारी कि कुर्सी खाली होने पर तरह तरह कि चर्चा शुरू हो गयीं। जिसका परिणाम रहा कि पुलिस लाईन में टहल रहे क्षमता से अधिक निरीक्षक के वावजूद सदर कोतवाली के अपराध निरीक्षक शरद गुप्ता को धानापुर का प्रभारी बना दिया गया। हलांकि इनके कार्यभाव व मामले को गभीरता से लेते हुए चुनाव सेल के प्रभारी रहे घनश्याम शुक्ला को अपराध निरीक्षक धानापुर बनाया गया।


महेश सिंह के लाइन हाजिर होते ही भूमाफिया सक्रिय  
जब तक धानापुर मे प्रभारी निरीक्षक महेश सिंह थे कोई भी भूमाफिया किसी निर्दोष को परेशान नहीं कर पा रहा था उनके जाते ही जमीन संबंधी विवाद मे तेजी आई है,
धानापुर की जनता को अपराध निरीक्षक की नही भूनिरीक्षक की जरूरत है जिससे इन भूमाफियों पर कार्यवाही हो सके।

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