बेइज्जती का बदला लेने के लिए फुफेरे भाई ने ली थी मासूम की जान
चंदौली धीना थाना क्षेत्र के करजरा गांव में पांच वर्षीय मासूम कार्तिक सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मासूम की हत्या उसके ही नाबालिग फुफेरे भाई ने की। बताया जा रहा है कि रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद और कथित बेइज्जती से नाराज होकर उसने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार करजरा गांव निवासी कृष्णा सिंह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी कंचन देवी, दो बेटियां और पांच वर्षीय पुत्र कार्तिक रहते थे। रविवार को कार्तिक गांव के पास स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर के आसपास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान उसका नाबालिग फुफेरा भाई उसे बहला-फुसलाकर विद्यालय परिसर के अंदर ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई।
परिजनों के मुताबिक कुछ दिन पहले मोबाइल फोन के माध्यम से करीब तीन हजार रुपये किसी युवक के खाते में भेजे गए थे। जांच में पता चला कि यह राशि नाबालिग रिश्तेदार की ओर से भेजी गई थी। इस बात की जानकारी होने पर परिवार के लोगों ने उसे फटकार लगाई थी। बताया जाता है कि इसके बाद वह अंदर ही अंदर नाराज चल रहा था और इसी रंजिश में उसने घटना को अंजाम दिया।
घटना के बाद आरोपी ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की। वह करीब दो घंटे तक परिवार और ग्रामीणों के साथ कार्तिक की तलाश करता रहा। जब विद्यालय परिसर में बच्चे का शव मिला तो वह भी वहां पहुंच गया और खोजबीन में शामिल होने का नाटक करता रहा। हालांकि उसके व्यवहार और गतिविधियों पर परिजनों को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने तथा शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार पहले बच्चे के साथ मारपीट की गई, फिर उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई।